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सचेतन- 48 वेदांत सूत्र: “दम: इंद्रियों का स्वामी बनने की कला”

नमस्कार साथियो, आज हम बात करेंगे षट्सम्पत्ति के दूसरे सुंदर गुण—दम (Dama) के बारे में।दम का साधारण अर्थ है—इंद्रियों पर नियंत्रण,पर वेदांत में इसका मतलब इससे कहीं गहरा है। इंद्रियाँ हमें कहाँ खींचकर ले जाती हैं? हमारी पाँच ज्ञानेंद्रियाँ—आँखें, कान, नाक, जीभ और त्वचा—हर पल हमें दुनिया की ओर खींचती रहती हैं। ● कोई स्वादिष्ट […]

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पंचतंत्र की कथा-04 : व्यर्थ का काम करने से जान भी जा सकती है।

बुद्धिमान व्यक्ति को स्वामी की इच्छा के अनुकूल कार्य करके उसे प्रसन्‍न करना चाहिए बंदर और लकड़ी का खूंटा कहानी सुनाकर करटक बोला, “इसीलिए कहता हूँ कि जिस काम से कोई अर्थ न सिद्ध होता हो, उसे नहीं करना चाहिए। व्यर्थ का काम करने से जान भी जा सकती है। अरे, अब भी पिंगलक जो […]