- 2023-01-30 · कड़ी 1सचेतन :68 ॐ तत्वमसि' महावाक्य का दृष्टिगोचर शब्द ज्ञान से संभव है
- 2023-06-21 · कड़ी 2सचेतन 157-158 : योग सूत्र
- 2023-06-27 · कड़ी 3सत्य की महिमा
- 2023-07-03 · कड़ी 4सचेतन 165 : शंकराचार्य सनातन धर्म में सर्वोच्च धर्म गुरु का पद है
- 2024-05-20 · कड़ी 5प्रार्थना और परिश्रम का महत्व
- 2024-06-14 · कड़ी 6प्रार्थना कैसे करें?
- 2024-06-14 · कड़ी 7प्रार्थना का महत्व
- 2024-06-14 · कड़ी 8ध्यान के लाभ
- 2024-06-14 · कड़ी 9ध्यान कैसे करें
- 2024-06-21 · कड़ी 10सचेतन पतंजलि योग सूत्र: आत्म-साक्षात्कार का मार्गदर्शक
- 2024-07-02 · कड़ी 11Anubhuti Sanchay (अनुभूति संचय): Celebrating Mindfulness and J.C. Gupta Ji's Legacy
- 2024-08-14 · कड़ी 12सचेतन 3.19 : आध्यात्मिक स्वतंत्रता: आत्मा की मुक्ति की यात्रा
- 2024-09-05 · कड़ी 13सचेतन 3.30 : शिक्षक दिवस: सम्मान और संस्कार का महत्व
- 2024-11-14 · कड़ी 14सचेतन, "मेरा नया बचपन"
- 2024-12-03 · कड़ी 15International day of persons with disabilities 3 Dec 2024
- 2024-12-24 · कड़ी 16सचेतन: यीशु मसीह और मरे हुए लड़के की कहानी
- 2025-02-15 · कड़ी 17सचेतन: शब-ए-बारात के बारे में जानकारी
- 2025-03-03 · कड़ी 18सचेतन: ज्ञान योग-1
- 2025-03-04 · कड़ी 19सचेतन: ज्ञान योग-2: अपनी असली प्रकृति को समझना
- 2025-03-05 · कड़ी 20सचेतन: ज्ञान योग-३: अपनी प्रकृति का मूल्यांकन करें
- 2025-03-10 · कड़ी 21सचेतन: ज्ञान योग-4: मायावाद - भ्रम का स्वरूप
- 2025-03-11 · कड़ी 22सचेतन: ज्ञान योग-5: जीवन की सच्ची समझ हासिल करने के लिए भ्रम को पार करना
- 2025-03-12 · कड़ी 23सचेतन: ज्ञान योग-6: माया की भूमिका
- 2025-04-02 · कड़ी 24सचेतन: समझो ऑटिज़्म को – 2 अप्रैल का महत्व
- 2025-05-01 · कड़ी 25सचेतन- 01: "परीक्षा: डर नहीं, अवसर है विकास का!"
- 2025-05-02 · कड़ी 26सचेतन- 02: परीक्षा से डर क्यों लगता है?
- 2025-05-03 · कड़ी 27सचेतन- 03: परीक्षा की तैयारी का तरीका
- 2025-05-05 · कड़ी 28सचेतन- 04: "ज्ञान योग: जब जीवन परीक्षा लेता है"
- 2025-05-06 · कड़ी 29सचेतन- 05: पंचभूत क्रिया: प्रकृति से आत्मा तक की यात्रा
- 2025-05-07 · कड़ी 30सचेतन- 06: हमारा शरीर, हमारा मन, और पूरी यह सृष्टि का आधार है पंचभूत 🔱
- 2025-05-08 · कड़ी 31सचेतन- 07: शरीर, चक्र और पंचमहाभूत – योग की शक्ति को जानें
- 2025-05-13 · कड़ी 32सचेतन- 09: शेष – हमारी चेतना अनंत है, परंतु अनुभव सीमित
- 2025-05-24 · कड़ी 33सचेतन- 10: शेष – अनुभव वह पुल है, जो चेतना को वास्तविकता से जोड़ता है,
- 2025-05-26 · कड़ी 34सचेतन- 11: तत्त्वमसि क्या होता है, जब हम ध्यान, प्रेम, सेवा और स्व-जागरूकता से जुड़ते हैं
- 2025-05-27 · कड़ी 35सचेतन- 12: अहं ब्रह्मास्मि
- 2025-05-29 · कड़ी 36सचेतन- 13: ध्यान-सूत्र: "दशाङ्गुलम् – उस पार भी कुछ है
- 2025-05-30 · कड़ी 37सचेतन- 14: धन्यवाद देना और उसे आत्म साथ करना
- 2025-05-31 · कड़ी 38सचेतन- 15: धन्यवाद और रिश्तों में सिद्धता
- 2025-06-03 · कड़ी 39सचेतन- 1: चेतना क्या है? Consciousness
- 2025-06-03 · कड़ी 40सचेतन- 2: सुनने मात्र से चेतना की जागृति का मार्ग
- 2025-06-05 · कड़ी 41सचेतन- 3: चिंतन और संशय निवारण चेतना का मार्ग खोलती है
- 2025-06-06 · कड़ी 42सचेतन- 4: चिंतन और संशय निवारण: चेतना का मार्ग
- 2025-06-09 · कड़ी 43सचेतन- 5: सत्य पर गहन ध्यान
- 2025-06-10 · कड़ी 44सचेतन- 6: निदिध्यासन – आत्मा का साक्षात्कार
- 2025-06-12 · कड़ी 45सचेतन- 8: मानव चेतना के विभिन्न स्तर
- 2025-06-14 · कड़ी 46सचेतन- 9: मन या मनोवृत्ति
- 2025-06-17 · कड़ी 47सचेतन- 11: समझदारी (Wisdom) – अनुभव और विवेक का मेल
- 2025-06-26 · कड़ी 48सचेतन- 13: प्रज्ञा से चेतना का विकास
- 2025-06-27 · कड़ी 49सचेतन- 14: आत्मनिरीक्षण (Self-Reflection)
- 2025-06-28 · कड़ी 50सचेतन- 15: साक्षी भाव (Witness Consciousness)
- 2025-06-30 · कड़ी 51सचेतन- 16: विवेक से निर्णय (Wise Discernment)
- 2025-07-02 · कड़ी 52सचेतन- 18: ध्यान और मनन (Meditation & Contemplation)
- 2025-07-03 · कड़ी 53सचेतन- 19: अनुभूति
- 2025-07-04 · कड़ी 54सचेतन- 01: मनुष्यत्व - इस जीवन का सच्चा मूल्य
- 2025-07-05 · कड़ी 55सचेतन- 02: मनुष्य जन्म: चेतना की उच्चतम अवस्था
- 2025-07-12 · कड़ी 56सचेतन- 03 महापुरुषों का संग – आत्मज्ञान की सीढ़ी
- 2025-07-14 · कड़ी 57सचेतन- 04: क्या हर मनुष्य मोक्ष चाहता है?
- 2025-07-15 · कड़ी 58सचेतन- 05: सत् — सत्य और कर्म की शुद्धि
- 2025-07-16 · कड़ी 59सचेतन- 06: चित् — ज्ञान और विवेक का विकास
- 2025-07-17 · कड़ी 60सचेतन- 07: आनन्द — आत्मानुभूति से उत्पन्न सुख
- 2025-07-18 · कड़ी 61सचेतन- 08: सत्-चित्-आनन्द – मनुष्य जीवन की अनमोल यात्रा
- 2025-07-19 · कड़ी 62सचेतन- 09: यह चेतन एक प्रयोगशाला है: जीवन का अंतर्यात्रा स्थल
- 2025-07-28 · कड़ी 63सचेतन- 11:सत् चित् आनन्द और सत्यम शिवम् सुंदरम् का जीवंत उदाहरण
- 2025-07-29 · कड़ी 64सचेतन- 01: साधना (Spiritual Practice)
- 2025-07-30 · कड़ी 65सचेतन- 02: इस्लाम में साधना का अर्थ
- 2025-08-01 · कड़ी 66सचेतन- 0३: बाइबिल में साधना का अर्थ
- 2025-08-02 · कड़ी 67सचेतन- 04: गुरु ग्रंथ साहिब में साधना का अर्थ
- 2025-08-04 · कड़ी 68सचेतन- 05:साधना (Sādhanā): मन पर विजय की दिशा" “Sādhanā: Mastery of the Mind”
- 2025-08-05 · कड़ी 69सचेतन- 06:साधना की माँ जैसी प्राथमिकता
- 2025-08-06 · कड़ी 70सचेतन- 07: तप (Tap/perseverance/tenacity)
- 2025-08-07 · कड़ी 71सचेतन- 08: सच्चे साधक का मार्ग
- 2025-08-08 · कड़ी 72सचेतन- 09: "ऋत" (ऋतम्) — सत्य, नियम, नैतिकता और ब्रह्मांडीय व्यवस्था
- 2025-08-12 · कड़ी 73सचेतन- 09-10: "ऋत" (ऋतम्) — सत्य, नियम, नैतिकता और ब्रह्मांडीय व्यवस्था
- 2025-08-12 · कड़ी 74सचेतन- 10: "ऋतम् वद" — सत्य और नियम में जियो, वही परम जीवन है।
- 2025-08-13 · कड़ी 75सचेतन- 11: तैत्तिरीयोपनिषद् — आत्मानुभूति और ब्रह्मविद्या का रहस्य
- 2025-11-11 · कड़ी 76सचेतन- 37 वेदांत सूत्र: चार अध्यायों में जीवन का मार्ग
- 2025-11-12 · कड़ी 77सचेतन- 38 वेदांत सूत्र: जीवन से सम्बन्ध
- 2025-11-13 · कड़ी 78सचेतन- 39 वेदांत सूत्र: विरोध नहीं, समन्वय करो
- 2025-11-14 · कड़ी 79सचेतन- 40 वेदांत सूत्र: “साधना का मार्ग – जीवन को पूजा बनाना”
- 2025-11-15 · कड़ी 80सचेतन- 41 वेदांत सूत्र: “मोक्ष: जीते-जी मुक्त होने का आनंद”
- 2025-11-17 · कड़ी 81सचेतन- 42 वेदांत सूत्र: साधना-चतुष्टय — मोक्ष और आत्मज्ञान के लिए चार आवश्यक योग्यताएँ
- 2025-11-25 · कड़ी 82सचेतन- 44 वेदांत सूत्र: वैराग्य: त्याग नहीं, अनासक्ति
- 2025-11-26 · कड़ी 83सचेतन- 45 वेदांत सूत्र: विरह → विरक्ति → वैराग्य → संन्यास
- 2025-11-27 · कड़ी 84सचेतन- 46 वेदांत सूत्र: 🌼 “आत्म-साक्षात्कार का मार्ग और षट्सम्पत्ति की तैयारी”
- 2025-12-05 · कड़ी 85सचेतन- 50 वेदांत सूत्र: तितिक्षा — सुख–दुःख को शांति से सहने की सरल कला
- 2025-12-06 · कड़ी 86सचेतन- 51 वेदांत सूत्र: श्रद्धा — विश्वास जो रास्ता दिखाता है
- 2025-12-08 · कड़ी 87सचेतन- 52 वेदांत सूत्र: समाधान — मन की स्थिरता
- 2025-12-09 · कड़ी 88सचेतन- 53 वेदांत सूत्र: मुमुक्षुत्व — भीतर की पुकार
