- 2022-11-09 · कड़ी 1सचेतन :8. श्रीशिवपुराण- पुनरावलोकन - आपके आंतरिक विकास की प्रबल संभावनाए...
- 2022-11-09 · कड़ी 2सचेतन :7. श्री शिव पुराण: चंचुला को अपने पति बिन्दुग की जानकारी भी प्राप्त हो हुई
- 2022-11-09 · कड़ी 3सचेतन :6. श्री शिव पुराण की कथा सुन कर चंचुला पार्वती जी की सखी बन गई
- 2022-11-10 · कड़ी 4सचेतन :9. श्रीशिवपुराण- चंचुला ने देवी पार्वती से अपने पति बिंदुगा की मुक्ति के लिए प्रार्थना की।
- 2022-11-11 · कड़ी 5सचेतन :10. श्रीशिवपुराण- गन्धर्वराज तुम्बरु द्वारा बिंदुग पिशाच का उद्धार
- 2022-11-12 · कड़ी 6सचेतन :11. श्रीशिवपुराण- शिव पुराण के श्रवण की विधि
- 2022-11-15 · कड़ी 7सचेतन :13. श्रीशिवपुराण- विद्येश्वर संहिता – भगवान शंकर का वर्णन- ‘पंचानन’ या ‘पंचवक्त्र’-2
- 2022-11-16 · कड़ी 8सचेतन :14. श्रीशिवपुराण- प्रचंड कलियुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्मों से दूर रहेंगे
- 2022-11-17 · कड़ी 9सचेतन :15. श्रीशिवपुराण- भक्ति से ईश्वर से भेंट होता है
- 2022-11-18 · कड़ी 10सचेतन :16. श्रीशिवपुराण- वैदिक धर्म और छह वेदांग विश्व की सभी सभ्यताओं के मूल में हैं।
- 2022-11-21 · कड़ी 11सचेतन :18. श्रीशिवपुराण- वेदार्थ के ज्ञान से श्रवण, कीर्तन तथा मनन की साधना संभव है।
- 2022-11-21 · कड़ी 12सचेतन :17. श्रीशिवपुराण- वेदांग से उत्कृष्ट परिणाम संभव हैं।
- 2022-11-22 · कड़ी 13सचेतन :19. श्रीशिवपुराण- यदि वेदार्थ ज्ञान से श्रवण, कीर्तन तथा मनन की ...
- 2022-11-26 · कड़ी 14सचेतन :22. श्री शिव पुराण- 'शिवरात्रि' के उत्सव के लिए साकार और निराकार...
- 2022-11-26 · कड़ी 15सचेतन :23. श्री शिव पुराण- भक्ति भक्त की आंतरिक स्थिति है।
- 2022-11-26 · कड़ी 16सचेतन :21. श्री शिव पुराण- पुरुष-वस्तु और शिव का साकार रूप
- 2022-11-26 · कड़ी 17सचेतन :20. श्रीशिवपुराण- भगवान शिव की पूजा मूर्ति में और लिंग में भी क्यों की जाती है ?
- 2022-11-28 · कड़ी 18सचेतन :24. श्री शिव पुराण- समुद्र मंथन - शिवरात्रि की कथा
- 2022-11-29 · कड़ी 19सचेतन :25. श्री शिव पुराण- शिकारी की कथा- शिवरात्रि का माहात्म्य
- 2022-11-30 · कड़ी 20सचेतन :26. श्री शिव पुराण- शिव जी का विषपान शिवरात्रि पर्व के समान है।
- 2022-12-01 · कड़ी 21सचेतन :27. श्री शिव पुराण- पृथ्वी, शरीर, समाज या राष्ट्र ये सभी लिंग रूप की संकल्पना है।
- 2022-12-02 · कड़ी 22सचेतन :28. श्री शिव पुराण- पृथ्वी, शरीर, समाज या राष्ट्र ये सभी लिंग रूप की संकल्पना है।-2
- 2022-12-03 · कड़ी 23सचेतन :29. श्री शिव पुराण- अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर आइये हम सुगम्य और न्यायसंगत समुदाय के लिए समावेशी विकास की ओर बढ़ें
- 2022-12-06 · कड़ी 24सचेतन :31. श्री शिव पुराण- पांच कृतियों में सृष्टि का प्रतिपादन-2
- 2022-12-14 · कड़ी 25सचेतन :36. श्री शिव पुराण- एक 'कर्म योगी' के संचित कर्म और प्रारब्ध कर्म उन्हें पाप कर्मों से दूर रहते हैं।
- 2022-12-15 · कड़ी 26सचेतन :37. श्री शिव पुराण- कर्म का संचय और उसके भोगों का निर्धारण
- 2022-12-19 · कड़ी 27सचेतन :39. श्री शिव पुराण- रचनाओं के प्रतिपादन के लिए प्रणव और पंचाक्षर मंत्र
- 2022-12-19 · कड़ी 28सचेतन :39. श्री शिव पुराण- रचनाओं के प्रतिपादन के लिए प्रणव और पंचाक्षर ...
- 2022-12-20 · कड़ी 29सचेतन :40. श्री शिव पुराण- पंचाक्षर मन्त्र - ॐ नमः शिवाय और भगवान शिव का ध्यान
- 2022-12-21 · कड़ी 30सचेतन :41. श्री शिव पुराण- शिव पंचाक्षर स्तोत्र
- 2022-12-23 · कड़ी 31सचेतन :43. श्री शिव पुराण-मातृका महाशक्ति क्या है?
- 2022-12-23 · कड़ी 32सचेतन :42. श्री शिव पुराण-पंचाक्षर-मंत्र से माता की महाशक्ति का आभास होत...
- 2022-12-24 · कड़ी 33सचेतन :44. श्री शिव पुराण-त्रिपदा गायत्री
- 2022-12-26 · कड़ी 34सचेतन :45. श्री शिव पुराण- गायत्री मंत्र से 24 शक्तियों की प्राप्ति होती है
- 2022-12-27 · कड़ी 35सचेतन :46. श्री शिव पुराण- भगवान शिव के दर्शन और पूजा के मुहूर्त का विधान
- 2022-12-28 · कड़ी 36सचेतन :47. श्री शिव पुराण- कैसे करें शिवलिंग की स्थापना?
- 2022-12-30 · कड़ी 37सचेतन :49 श्री शिव पुराण- कैसे करें शिवलिंग की प्राणप्रतिष्ठा
- 2022-12-31 · कड़ी 38सचेतन :50 श्री शिव पुराण- शिवलिंग की पूजा, सेवा और जप करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- 2023-01-02 · कड़ी 39सचेतन :51 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता
- 2023-01-03 · कड़ी 40सचेतन :52 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता
- 2023-01-04 · कड़ी 41सचेतन :53 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पार्वती, सीता और राधा के जन्म का वर्णन
- 2023-01-05 · कड़ी 42सचेतन :54 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पार्वती, सीता और राधा के जन्म शक्ति स्वरूप का वर्णन
- 2023-01-06 · कड़ी 43सचेतन :55 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद ने विषय-वासनाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए परब्रह्म की कठोर साधना
- 2023-01-07 · कड़ी 44सचेतन :56 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद जी भी मोह माया के चुम्बकीय आकर्षण में फंस गए थे
- 2023-01-09 · कड़ी 45सचेतन :57 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद जी मोह माया वश क्रोध में आकर भगवान विष्णु को स्त्री वियोग श्राप दिया
- 2023-01-12 · कड़ी 46सचेतन :59 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिव तत्व का वर्णन
- 2023-01-12 · कड़ी 47सचेतन :58 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद के शाप को श्री विष्णु ने पूरी तरह स्वीकार कर श्री राम के रूप में मनुष्य बन कर अवतरित हुए
- 2023-01-13 · कड़ी 48सचेतन :60 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: विष्णु और ब्रह्मा शिव से प्रकट हुए हैं
- 2023-01-14 · कड़ी 49सचेतन :61 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिवजी की इच्छा से विष्णुजी की नाभि से ब्रह्मा जी प्रकट हुए हैं
- 2023-01-16 · कड़ी 50सचेतन :62 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिव जी क्रोधित होकर ब्रह्मा जी क...
- 2023-01-17 · कड़ी 51सचेतन :63 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: ब्रह्मा-विष्णु को भगवान शिव के शब्दमय शरीर का दर्शन
- 2023-01-18 · कड़ी 52सचेतन :64 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शब्द ब्रह्ममय से ब्रह्मांड की उत्पत्ति
- 2023-01-24 · कड़ी 53सचेतन :65 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: रूद्र और ऋषि कल्याण कारक है।
- 2023-01-25 · कड़ी 54सचेतन :66 श्री शिव पुराण- स्वर और व्यंजन की ध्वनि मात्र से महादेव व भगवती उमा के दर्शन।
- 2023-01-28 · कड़ी 55सचेतन :67 श्री शिव पुराण- ॐ तत्वमसि' महावाक्य का दृष्टिगोचर शब्द ज्ञान से संभव है
- 2023-01-31 · कड़ी 56सचेतन :69 श्री शिव पुराण- श्रीहरि को सृष्टि की रक्षा का भार मिला है
- 2023-02-01 · कड़ी 57सचेतन :70 श्री शिव पुराण- ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र के आयुर्बल
- 2023-02-03 · कड़ी 58सचेतन :71 श्री शिव पुराण- ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र अपने विराट आयुर्बल के कारण सृष्टि की रचना, रक्षा और प्रलयरूप गुणों को धारण किए हुए हैं।
- 2023-02-04 · कड़ी 59सचेतन :72 श्री शिव पुराण- सगुण और निर्गुण भक्ति धारा
- 2023-02-06 · कड़ी 60सचेतन :73 श्री शिव पुराण- शिव की भक्ति से दरिद्रता, रोग, दुख तथा शत्रु द्वारा दी गई पीड़ा का नाश होता है।
- 2023-02-07 · कड़ी 61सचेतन :74 श्री शिव पुराण- शिव की भक्ति से दरिद्रता, रोग, दुख तथा शत्रु द्वारा दी गई पीड़ा का नाश होता है।-2
- 2023-02-09 · कड़ी 62सचेतन :74-75 श्री शिव पुराण- मनुष्य के अंदर के छह सबसे बड़े शत्रु
- 2023-02-10 · कड़ी 63सचेतन :76 श्री शिव पुराण- मनुष्य के अंदर के छह सबसे बड़े शत्रु
- 2023-02-11 · कड़ी 64सचेतन :77 श्री शिव पुराण- मनुष्य के अंदर के छह सबसे बड़े शत्रु (प्रेम से मुक्ति)
- 2023-02-13 · कड़ी 65सचेतन :78 श्री शिव पुराण- ईर्ष्या मानवीय रिश्तों में एक विशिष्ट अनुभव है।
- 2023-02-14 · कड़ी 66सचेतन :79 श्री शिव पुराण- द्वेष से दुःख होता है
- 2023-02-15 · कड़ी 67सचेतन :80 श्री शिव पुराण- राग-द्वेष पर विजय पाने के उपाय
- 2023-02-16 · कड़ी 68सचेतन :81 श्री शिव पुराण- हम वास्तव में कौन हैं?
- 2023-02-20 · कड़ी 69सचेतन :82 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पुरुष जन्म लेते ही अपने मन को भी मथने लगते हैं
- 2023-02-21 · कड़ी 70सचेतन :83 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: कामदेव का जन्म
- 2023-02-22 · कड़ी 71सचेतन :84 श्री शिव पुराण- कामदेव मनुष्य को कर्म करने की प्रेरणा देता है
- 2023-02-23 · कड़ी 72सचेतन :85 श्री शिव पुराण- सुरक्षित काम प्राकृतिक व्यवहार के लिए आवश्यक माना गया है
- 2023-02-24 · कड़ी 73सचेतन :86 श्री शिव पुराण- कामदेव ने ही शिव व पार्वती के बीच प्रेम बनाया था
- 2023-02-25 · कड़ी 74सचेतन :87 श्री शिव पुराण- अर्धनारीश्वर रहस्य
- 2023-02-28 · कड़ी 75सचेतन :89 श्री शिव पुराण- अर्धनारीश्वर पुरुष और प्रकृति का प्रतिनिधित्व करता है
- 2023-03-01 · कड़ी 76सचेतन :90 श्री शिव पुराण- अर्धनारीश्वर का अर्थ
- 2023-03-02 · कड़ी 77सचेतन :91 श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- अर्द्धनारीश्वर का दर्शन
- 2023-03-04 · कड़ी 78सचेतन :92 श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- मानसी और मैथुनी सृष्टि और मनु तथा शतरूपा की उत्पत्ति
- 2023-03-06 · कड़ी 79सचेतन :93 श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- अर्द्धनारीश्वर प्रसंग- मैथुनी (प्रजनन) सृष्टि का निर्माण
- 2023-03-07 · कड़ी 80सचेतन :94 श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- सद्योजात, पृथ्वी तत्व के अवतार
- 2023-03-09 · कड़ी 81सचेतन :95 श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- सद्योजात, पृथ्वी तत्व के अवतार
- 2023-03-11 · कड़ी 82सचेतन :97 श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- वामदेव, समय और कर्म का अवतार है
- 2023-03-13 · कड़ी 83सचेतन 98:-- श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- दरिद्रता देवी की वामदेव पर कृपा
- 2023-03-14 · कड़ी 84सचेतन 99: श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- आपद धर्म या आपद्धर्म
- 2023-03-15 · कड़ी 85सचेतन 100: श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- आत्मज्ञान और ब्रह्मविद्या का साक्षात्कार कब से हो सकता है
- 2023-03-16 · कड़ी 86सचेतन 101: श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- आत्मज्ञान और ब्रह्मविद्या
- 2023-03-17 · कड़ी 87सचेतन 102: श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष अवतार
- 2023-03-20 · कड़ी 88सचेतन 103 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष रूप कर्म, करण , सम्प्रदान, अपादान और सम्बन्ध को दर्शाता है
- 2023-03-23 · कड़ी 89सचेतन 104 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष रूप कर्म, करण , सम्प्रदान, अपादान और सम्बन्ध को दर्शाता है -2
- 2023-03-24 · कड़ी 90सचेतन 105 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- शरीर, वाणी और मन से की गयी क्रिया कर्म है
- 2023-03-25 · कड़ी 91सचेतन 106 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- कर्म-संग्रह
- 2023-03-27 · कड़ी 92सचेतन 107 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- कर्म का विभाजन हमारे आध्यात्मिक जीवन से होता है
- 2023-03-28 · कड़ी 93सचेतन 108 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- ईश्वर बहुत ही न्यायपूर्ण है
- 2023-03-29 · कड़ी 94सचेतन 109 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- ईश्वर बहुत ही न्यायपूर्ण है-2
- 2023-03-31 · कड़ी 95सचेतन 110 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष असाधारण कार्य के माध्यम होते हैं।
- 2023-04-01 · कड़ी 96सचेतन 111 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष रूप से हमारे सुख और दुख के कारण का बोध होता है।
- 2023-04-04 · कड़ी 97सचेतन 112 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष रूप में कर्म और करण एक स्वतंत्र और आध्यात्मिक जीवन का बोध दिलाता है।
- 2023-04-05 · कड़ी 98सचेतन 113 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष रूप में स्वतंत्रता का आधार
- 2023-04-13 · कड़ी 99सचेतन 114 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तत्पुरुष रूप में स्वतंत्रता का आधार
- 2023-04-14 · कड़ी 100सचेतन 115 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तन्नो रुद्र: प्रयोदयात्
- 2023-04-15 · कड़ी 101सचेतन 116 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- किसी भी कार्य का निरंतर अभ्यास ही रूद्र है
- 2023-04-18 · कड़ी 102सचेतन 117 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- रूद्र, ब्रह्मांड की रचनात्मक ऊर्जा प्राप्त करने में हम सब की मदद करता है।
- 2023-04-19 · कड़ी 103सचेतन 118 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- शरीर की महत्वपूर्ण ऊर्जाएं
- 2023-04-20 · कड़ी 104सचेतन 119 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- रुद्र - शरीर को विकसित करने का विज्ञान है
- 2023-04-21 · कड़ी 105सचेतन 120 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- पूर्ण संबंध और सर्व होने पर प्रेम होता है
- 2023-04-24 · कड़ी 106सचेतन 121 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- मन की स्थिति का अभ्यास करना
- 2023-04-25 · कड़ी 107सचेतन 122 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- जीवन में पवित्र अनुष्ठान करना ही धर्म है
- 2023-04-26 · कड़ी 108सचेतन 123 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- आध्यात्मिक प्रक्रिया अस्तित्व की खोज का एक आंतरिक मार्ग है
- 2023-04-27 · कड़ी 109सचेतन 124 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- प्रार्थना, ध्यान और विचार का श्रवण एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है
- 2023-04-28 · कड़ी 110सचेतन 125 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- भीम रूप में शिव का वर्णन
- 2023-04-29 · कड़ी 111सचेतन 126 : श्री शिव पुराण- शतरुद्र संहिता- तामसिक बनकर भजन नहीं हो सकता है।
- 2023-05-01 · कड़ी 112सचेतन 127 : श्री शिव पुराण- उग्रा महादेव, श्री कालहस्ती मंदिर की कथा
- 2023-05-02 · कड़ी 113सचेतन 128 : श्री शिव पुराण- भक्ति से अर्पित हर वस्तु को स्वीकार करना चाहिए
- 2023-05-03 · कड़ी 114सचेतन 129 : श्री शिव पुराण- शिव आपकी तपस्या से प्रसन्न ज़रूर होते हैं
- 2023-05-04 · कड़ी 115सचेतन 130 : श्री शिव पुराण- उग्र रूप सर्वतोभद्र यानी सभी तरफ से सुन्दर है।
- 2023-05-06 · कड़ी 116सचेतन 131 : श्री शिव पुराण- उग्रा रूप ही हवा है।
- 2023-05-08 · कड़ी 117सचेतन 132 : श्री शिव पुराण- प्रकृति स्वरूप शिव के आठ स्वरूप लिंग
- 2023-05-09 · कड़ी 118सचेतन 133 : श्री शिव पुराण- पशुपति प्राणियों के शिव
- 2023-05-10 · कड़ी 119सचेतन 134 : श्री शिव पुराण- भगवान शिव का एक नाम पशुपति नाथ है
- 2023-05-11 · कड़ी 120सचेतन 135 : श्री शिव पुराण- पशुपति मंदिर की कथा
- 2023-05-12 · कड़ी 121सचेतन 136 : श्री शिव पुराण- 'ईशान' सम्पूर्ण सिद्धियों का परिचायक है
- 2023-05-13 · कड़ी 122सचेतन 137 : श्री शिव पुराण- महादेव स्वरूप बुद्धि, दृष्टि और ज्ञान का अद्भुत मिलन है।
- 2023-05-15 · कड़ी 123सचेतन 138 : श्री शिव पुराण- पुष्पों द्वारा शिव पूजा का माहात्म्य
- 2023-05-16 · कड़ी 124सचेतन 139 : श्री शिव पुराण- चंपा और केवड़े के फूलों से शिव पूजन नहीं करना चाहिए।
- 2023-05-19 · कड़ी 125सचेतन 140 : श्री शिव पुराण- आख़िर शिवतत्व है क्या?
- 2023-05-20 · कड़ी 126सचेतन 141 : श्री शिव पुराण- शिव तत्व आपके विश्वास का नाम है
- 2023-05-22 · कड़ी 127सचेतन 142 : श्री शिव पुराण- शिवोहम
- 2023-05-29 · कड़ी 128सचेतन 143 : श्री शिव पुराण- ईश्वर का दर्शन संभव है।
- 2023-05-31 · कड़ी 129सचेतन 144 : श्री शिव पुराण- ईश्वरीय गुण
- 2023-06-01 · कड़ी 130सचेतन 145 : श्री शिव पुराण- ईश्वरीय गुण का आभास और दर्शन
- 2023-06-02 · कड़ी 131सचेतन 146 : श्री शिव पुराण- स्वयं को सर्वोच्च शक्ति के स्रोत के साथ जोड़ना
- 2023-06-03 · कड़ी 132सचेतन 147 : श्री शिव पुराण- आपकी शक्ति ही आपकी प्रकृति है
- 2023-06-06 · कड़ी 133सचेतन 148 : श्री शिव पुराण- आपकी सर्वोच्च शक्ति मानसिक स्थिति का परिणाम है।
- 2023-06-07 · कड़ी 134सचेतन 149 : श्री शिव पुराण- आपकी सर्वोच्च शक्ति हमारी मानसिक स्थिति का परिणाम है।
- 2023-06-08 · कड़ी 135सचेतन 150 : श्री शिव पुराण- आपनी सत्त्विक शक्ति को पहचाने
- 2023-06-09 · कड़ी 136सचेतन 151 : श्री शिव पुराण- राजसी शक्ति अनियंत्रित ऊर्जा का रूप है
- 2023-06-10 · कड़ी 137सचेतन 152 : श्री शिव पुराण- तामसिक शक्ति शारीरिक और मानसिक बोझ पैदा करती है
- 2023-06-12 · कड़ी 138सचेतन 153 : श्री शिव पुराण- ‘मनोयोग’ से मन की शक्ति को श्रेष्ठ बना सकते हैं
- 2023-06-13 · कड़ी 139सचेतन 154 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता - कठिनाइयों से स्वयं ही लड़ कर नया निर्माण करना पड़ेगा।
- 2023-06-14 · कड़ी 140सचेतन 155 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- पार्वती जी के सहस्र नाम उनके गुण और ऊर्जा को सूचित करता है
- 2023-06-15 · कड़ी 141सचेतन 156 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- महादेवी पार्वती जी का भगवान शिव के द्वारा वरण करना
- 2023-06-22 · कड़ी 142सचेतन 159 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- जलदान, जलाशय-निर्माण और वृक्षारोपण की महिमा
- 2023-06-23 · कड़ी 143सचेतन 160 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- सत्य भाषण की महिमा
- 2023-06-28 · कड़ी 144सचेतन 162 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- सत्य यानि सभी का कल्याण।
- 2023-06-30 · कड़ी 145सचेतन 163 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- तप की बड़ी भारी महिमा
- 2023-07-01 · कड़ी 146सचेतन 164 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- तप सबसे शक्तिशाली है
- 2023-07-04 · कड़ी 147सचेतन 166 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- तपस्या - एक आध्यात्मिक अनुशासन है
- 2023-07-06 · कड़ी 148सचेतन 167 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- स्वाध्याय का महत्व
- 2023-07-08 · कड़ी 149सचेतन 169 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- स्वाध्याय के लाभ
- 2023-07-10 · कड़ी 150सचेतन 170 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- स्वाध्याय कब कब करें
- 2023-07-11 · कड़ी 151सचेतन 171 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- दान देना क्या होता है?
- 2023-07-12 · कड़ी 152सचेतन 172 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- दान से बड़ा दान देने और लेने की भावना है
- 2023-07-13 · कड़ी 153सचेतन 173 : श्री शिव पुराण- उमा संहिता- दान के लिए विवकेशीलता ज़रूरी है
- 2023-07-14 · कड़ी 154सचेतन 174: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- सुख बांटने का जरिया है दान
- 2023-07-15 · कड़ी 155सचेतन 175: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- तुला-पुरुष दान का महत्व
- 2023-07-17 · कड़ी 156सचेतन 176: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- द्वेष करने से ही दुःख का साक्षात्कार होता है
- 2023-07-19 · कड़ी 157सचेतन 177: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- सुख और दुख दोनों आपके पास है
- 2023-07-20 · कड़ी 158सचेतन 178: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- दुःख और सुख- सृष्टि का नियम है
- 2023-07-22 · कड़ी 159सचेतन 179: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- समर्पण जीवन का आवश्यक भाव है।
- 2023-07-25 · कड़ी 160सचेतन 180: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- समय जब अनुकूल नहीं हो तो मनुष्य प्रायः पाप या गुनाह कर लेते हैं
- 2023-07-27 · कड़ी 161सचेतन 181: श्री शिव पुराण- उमा संहिता- नरक की कल्पना
- 2023-07-31 · कड़ी 162सचेतन 182: श्री शिव पुराण- आशा ही जीवन है
- 2023-08-01 · कड़ी 163सचेतन 183: श्री शिव पुराण- कठिनाई से सिद्धि तक
- 2023-08-02 · कड़ी 164सचेतन 184: श्री शिव पुराण- परमात्मा उधारी में भरोसा नहीं करता
- 2023-08-03 · कड़ी 165सचेतन 185: मैं कौन हूँ?
- 2023-08-04 · कड़ी 166सचेतन 186: वस्त्र, धन, पदवी, पद, सामाजिक प्रतिष्ठा, अहंकार, उपाधि हमारे प्राण या आत्मा नहीं हैं
- 2023-08-05 · कड़ी 167सचेतन 187: जब तक आप स्वयं को नही जानते हैं तक आप अंधकार में रहेंगे
- 2023-08-07 · कड़ी 168सचेतन 188: अंधकार से संघर्ष पैदा होता है
- 2023-08-09 · कड़ी 169सचेतन 189: आत्म स्मृति से क्रांति उत्पन्न हो सकती है
- 2023-08-10 · कड़ी 170सचेतन 190: कोई विश्वास कभी ज्ञान नहीं होता
- 2023-08-11 · कड़ी 171सचेतन 191: जिस दिन स्वयं को पा लोगे उस दिन परमात्मा को भी पा लोगे
- 2023-08-12 · कड़ी 172सचेतन 192: सांसारिक या फिर आध्यात्मिक परिचय भी आपका आत्म-परिचय नहीं है।
- 2023-08-14 · कड़ी 173सचेतन 193: अज्ञानता भय पैदा करती है
- 2023-08-16 · कड़ी 174सचेतन 194: किसी भी चीज को इकट्ठा करने से अहंकार पैदा होता है
- 2023-08-22 · कड़ी 175सचेतन 195: अहंकार मांगता है न्यूनता
- 2023-08-23 · कड़ी 176सचेतन 196: अस्मिता (ईगो) आपके जीवन का क्लेश स्वरूप है
- 2023-08-25 · कड़ी 177सचेतन 197: परमात्मा की खोज के मार्ग
- 2023-08-26 · कड़ी 178सचेतन 198: सत्य के लिए प्यासे हो सकें
- 2023-09-01 · कड़ी 179सचेतन 199: शिवपुराण- वायवीय संहिता ॰॰ पशुपति आपके भीतर का परमात्मा है।
- 2023-09-04 · कड़ी 180सचेतन 200: शिवपुराण- वायवीय संहिता ॰॰ योग और ध्यान जीवन को आंतरिक मुक्ति दिलाता है
- 2023-09-05 · कड़ी 181सचेतन 201: शिवपुराण- वायवीय संहिता ॰॰ जब जागो तभी सवेरा
- 2023-09-06 · कड़ी 182सचेतन 202: शिवपुराण- - पशुपति यानी 'जीवन का मालिक'
- 2023-09-12 · कड़ी 183सचेतन 203: शिवपुराण- वायवीय संहिता -पशुपति: एक साथ प्रेम से रहने का विचार है
- 2023-09-13 · कड़ी 184सचेतन 204: शिवपुराण- वायवीय संहिता - कभी हिम्मत नहीं हारें
- 2023-09-14 · कड़ी 185सचेतन 205: शिवपुराण- वायवीय संहिता - हमारे जीवन में वायुदेवता स्वरूप प्राण का महत्व क्या है?
- 2023-09-16 · कड़ी 186सचेतन 206: शिवपुराण- वायवीय संहिता - मनुष्य योनि में रुद्रदेव की प्राप्ति संभव है।
- 2023-09-18 · कड़ी 187सचेतन 207: शिवपुराण- वायवीय संहिता - रुद्रदेव के विचार से विश्व का कल्याण संभव है।
- 2023-09-22 · कड़ी 188सचेतन 208: शिवपुराण- वायवीय संहिता - हमारे जीवन में उत्तम व्रत का फल क्या है?
- 2023-09-25 · कड़ी 189सचेतन 210: शिवपुराण- वायवीय संहिता - हम में से प्रत्येक का एक पशु पक्ष है।
- 2023-09-26 · कड़ी 190सचेतन 211: शिवपुराण- वायवीय संहिता - परमात्मा और पशु या यिन और यांग जिसे ब्रह्माण्ड की दो शक्तियों के रूप में माना गया है।
- 2023-09-27 · कड़ी 191सचेतन 212: शिवपुराण- वायवीय संहिता - हमारी आध्यात्मिक यात्रा
- 2023-09-30 · कड़ी 192सचेतन 214: शिवपुराण- वायवीय संहिता - क्षर और अक्षर पुरुष दोनों भगवान् स्वयं ही हैं।
- 2023-10-03 · कड़ी 193सचेतन 215: शिवपुराण- वायवीय संहिता - शरीर शुभ-अशुभ विचारों और कर्मों से पोषित हो कर भाग्य का निर्माण करता है।
- 2023-10-05 · कड़ी 194सचेतन 216: शिवपुराण- वायवीय संहिता - हम सभी विराट रूप से आवृत हैं
- 2023-10-05 · कड़ी 195सचेतन 217: शिवपुराण- वायवीय संहिता - कला से मनोवृत्तियों में रुपान्तरण होता है
- 2023-10-06 · कड़ी 196सचेतन 218: शिवपुराण- वायवीय संहिता - कर्म मन:प्रेरित क्रिया होती है।
- 2023-10-07 · कड़ी 197परब्रह्म
- 2023-10-09 · कड़ी 198सचेतन 219: शिवपुराण- वायवीय संहिता - संचित और प्रारब्ध कर्म
- 2023-10-13 · कड़ी 199सचेतन 220: शिवपुराण- वायवीय संहिता - कर्म की बेड़ियों को ढीला कैसे करेंगे?
- 2023-10-14 · कड़ी 200सचेतन 221: शिवपुराण- वायवीय संहिता - आध्यात्मिक मार्ग पर चलना
- 2023-10-16 · कड़ी 201सचेतन 222: शिवपुराण- वायवीय संहिता - बाह्य इन्द्रियां और अन्त:करण आपके कर्म के द्वार हैं
- 2023-10-17 · कड़ी 202सचेतन 223: शिवपुराण- वायवीय संहिता - सत्त्वगुण के कारण आप प्रभावशाली और उद्यमशील हो जाते हैं।
- 2023-10-18 · कड़ी 203सचेतन 224: शिवपुराण- वायवीय संहिता - रजोगुण के कारण सुख की कल्पना प्रारंभ होती है
- 2023-10-19 · कड़ी 204सचेतन 225: शिवपुराण- वायवीय संहिता - अभीष्ट इच्छा की वासना ही तमोगुण है
- 2023-10-20 · कड़ी 205सचेतन 226: शिवपुराण- वायवीय संहिता - आत्म विषय आपकी चेतना, बुद्धि, इन्द्रिय और शरीर से पृथक है।
- 2023-10-21 · कड़ी 206सचेतन 227: शिवपुराण- वायवीय संहिता - आत्म ज्ञान का मार्ग सिद्धि कर्मों से खुलता है
- 2023-10-25 · कड़ी 207सचेतन 228: शिवपुराण- वायवीय संहिता - प्राण वायु से रोगों का विनाश होता है
- 2023-10-26 · कड़ी 208सचेतन 229: शिवपुराण- वायवीय संहिता - प्राण से ही मानव शरीर में लय और ताल का संचारण हो रहा है।
- 2023-10-27 · कड़ी 209सचेतन 230: शिवपुराण- वायवीय संहिता - प्राण-शक्ति सक्रिय है और इसके कुछ नियम हैं
- 2023-10-28 · कड़ी 210सचेतन 231: शिवपुराण- वायवीय संहिता - प्राण विद्या
- 2023-10-30 · कड़ी 211सचेतन 232: शिवपुराण- वायवीय संहिता - मनःशक्ति के लिए प्राण को लय-तालयुक्त करें
- 2023-10-31 · कड़ी 212सचेतन 233: शिवपुराण- वायवीय संहिता - गुरु भक्त उपमन्यु की कथा
- 2023-11-01 · कड़ी 213सचेतन 234: शिवपुराण- वायवीय संहिता - बालक उपमन्यु को माता का उपदेश
- 2023-11-02 · कड़ी 214सचेतन 235: शिवपुराण- वायवीय संहिता - भगवान शिव की परीक्षा
- 2023-11-03 · कड़ी 215सचेतन 236: शिवपुराण- वायवीय संहिता - भगवान शिव ने उपमन्यु को अपनी परम भक्ति प्रदान किया
- 2023-11-06 · कड़ी 216सचेतन 237: शिवपुराण- वायवीय संहिता - ब्रह्मा-विष्णु मोह
- 2023-11-07 · कड़ी 217सचेतन 238: शिवपुराण- वायवीय संहिता - शिव आपके प्राकृतिक गुण में हैं
- 2023-11-08 · कड़ी 218सचेतन 239: शिवपुराण- वायवीय संहिता - संसार का मूल प्रकृति शून्यता है
- 2023-11-09 · कड़ी 219सचेतन 240: शिवपुराण- वायवीय संहिता - सुस्थिर होना उत्तम तप है
- 2023-11-16 · कड़ी 220सचेतन 241: शिवपुराण- वायवीय संहिता - योग-निरूपण
- 2023-11-17 · कड़ी 221सचेतन 242: शिवपुराण- वायवीय संहिता - मंत्रयोग
- 2023-11-18 · कड़ी 222सचेतन 243: शिवपुराण- वायवीय संहिता - महर्षि वाल्मीकि का मंत्रयोग
- 2023-11-20 · कड़ी 223सचेतन 243: शिवपुराण- वायवीय संहिता - मंत्रयोग में मातृका शक्ति स्वरूप है
- 2023-11-21 · कड़ी 224सचेतन 245: शिवपुराण- वायवीय संहिता - आपके विमर्श-शक्ति से उत्पन्न शब्द आपकी ‘पराशक्ति’ है
- 2023-11-22 · कड़ी 225सचेतन 246: शिवपुराण- वायवीय संहिता - बालक सुतनु द्वारा मातृका का ज्ञान
- 2023-11-23 · कड़ी 226सचेतन 247: शिवपुराण- वायवीय संहिता - मंत्रयोग से स्पर्शयोग तक पहुँचने के लिए प्राणायाम का अभ्यास करना होगा
- 2023-11-24 · कड़ी 227सचेतन 248: शिवपुराण- वायवीय संहिता - प्रपंच का शमन आवश्यक है
- 2023-11-25 · कड़ी 228सचेतन 249: शिवपुराण- वायवीय संहिता - पंचकोश मानव का अस्तित्व है
- 2023-11-28 · कड़ी 229सचेतन 250: शिवपुराण- वायवीय संहिता -विज्ञानमय कोष से रूपांतरण संभव है
- 2023-11-29 · कड़ी 230सचेतन 251: शिवपुराण- वायवीय संहिता -आनंदपूर्ण शरीर- आनंदमय कोष या करण-शरीर है
- 2023-11-30 · कड़ी 231सचेतन 252: शिवपुराण- वायवीय संहिता - आनंदमय कोष तक स्पर्श करने के लिए शरीर के तीनों आयाम का योग आवश्यक है
- 2023-12-01 · कड़ी 232सचेतन 253: शिवपुराण- वायवीय संहिता - स्पर्श योग करने से जीवन में कोई तनाव या खिंचाव आपके ऊपर एक भी खरोंच नहीं डाल पाएगा
- 2023-12-02 · कड़ी 233सचेतन 254: शिवपुराण- वायवीय संहिता - योग गति में विघ्न
- 2023-12-04 · कड़ी 234सचेतन 255: शिवपुराण- वायवीय संहिता - योग वर्णन
- 2023-12-05 · कड़ी 235सचेतन 256: शिवपुराण- वायवीय संहिता - भाव योग
- 2023-12-06 · कड़ी 236सचेतन 257: शिवपुराण- वायवीय संहिता - भाव योग उच्चाति-उच्च प्रेम है
- 2023-12-07 · कड़ी 237सचेतन 258: शिवपुराण- वायवीय संहिता - भाव योग जीवन ऊर्जा को रूपांतरित कर देता है
- 2023-12-08 · कड़ी 238सचेतन 259: शिवपुराण- वायवीय संहिता - भाव योग से जीवन ऊर्जा का महासागर बन जाता है
- 2023-12-09 · कड़ी 239सचेतन 260: शिवपुराण- वायवीय संहिता - भगवान की योगमाया आपको चिन्मय बनती है
- 2023-12-11 · कड़ी 240सचेतन 261: शिवपुराण- वायवीय संहिता - योगक्षेमं वहाम्यहम्
- 2024-06-18 · कड़ी 241सचेतन 2.105: भगवान रुद्र ने जैसे त्रिपुर को जलाया था, उसी प्रकार हनुमान जी ने लंका नगरी को जला दिया
- 2025-07-26 · कड़ी 242सचेतन 10 सत् चित् आनन्द रूपाय, शिवाय नमः, सुंदराय नमः
- 2026-01-30 · कड़ी 243सचेतन- 32 – आप अपना शरीर नहीं हैं
