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सचेतन :19. श्रीशिवपुराण- यदि वेदार्थ ज्ञान से श्रवण, कीर्तन तथा मनन की …

नवंबर 22, 2022-  ShreeShivPuran  सचेतन :19. श्रीशिवपुराण-  यदि वेदार्थ ज्ञान से श्रवण, कीर्तन तथा मनन की  साधना करना असम्भव हो तो क्या करें?  Sachetan: What to do if it is impossible to practice hearing, chanting and meditation with Vedarth knowledge? विद्येश्वरसंहिता गंगा-यमुना के संगम स्थल परम पुण्यमय प्रयाग में, सत्यव्रतमें तत्पर रहनेवाले महातेजस्वी महाभाग महात्मा…

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सचेतन :17. श्रीशिवपुराण- वेदांग से उत्कृष्ट परिणाम संभव हैं।

सचेतन :17. श्रीशिवपुराण- वेदांग से उत्कृष्ट परिणाम संभव हैं। Sachetan: Excellent results are possible from Vedanga. विद्येश्वरसंहिता वैदिक धर्म और सभ्यता की जड़ में संसार के सभी सभ्यता किसी न किसी रूप में दिखाई देता है। वेदार्थ ज्ञान में सहायक शास्त्र को ही वेदांग कहा जाता है। शिक्षा, कल्प, व्याकरण, ज्योतिष, छन्द और निरूक्त –…

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सचेतन :18. श्रीशिवपुराण- वेदार्थ के ज्ञान से श्रवण, कीर्तन तथा मनन की साधना संभव है।

सचेतन :18. श्रीशिवपुराण-  वेदार्थ के ज्ञान से श्रवण, कीर्तन तथा मनन की  साधना संभव है।  Sachetan: With the knowledge of Vedartha, it is possible to listen, chant and practice the mind. विद्येश्वरसंहिता वेदार्थ ज्ञान में सहायक शास्त्र को ही वेदांग कहा जाता है। शिक्षा, कल्प, व्याकरण, ज्योतिष, छन्द और निरुक्त – ये छः वेदांग है।…

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सचेतन :16. श्रीशिवपुराण- वैदिक धर्म और छह वेदांग विश्व की सभी सभ्यताओं के मूल में हैं।

सचेतन :16. श्रीशिवपुराण-  वैदिक धर्म और छह वेदांग विश्व की सभी सभ्यताओं के मूल में हैं। Sachetan: Vedic religion and the six Vedangas are at the root of all civilizations in the world. विद्येश्वरसंहिता वेदोक्त कर्म अनुष्ठान करके उसके महान् फल को भगवान् शिव के चरणों में समर्पित कर देना ही परमेश्वर पद की प्राप्ति…

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सचेतन :15. श्रीशिवपुराण- भक्ति से ईश्वर से भेंट होता है

सचेतन :15. श्रीशिवपुराण- भक्ति से ही भगवान का मिलन संभव है। Sachetan: God’s meeting is possible with devotion. विद्येश्वर संहिता प्रचंड कलियुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्मों से दूर रहेंगे, इस युग में परोपकार के समान दूसरा कोई धर्म नहीं होगा। अतः ऋषि मुनियों ने श्री सूत जी से आग्रह किया की जिस छोटे-से उपायसे…

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सचेतन :14. श्रीशिवपुराण- प्रचंड कलियुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्मों से दूर रहेंगे

सचेतन :14. श्रीशिवपुराण- प्रचंड कलियुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्मों से दूर रहेंगे Sachetan: Humans will avoid virtuous deeds when the fierce Kalyug arrives. विद्येश्वर संहिता में  गंगा-यमुना के संगम स्थल परम पुण्यमय प्रयागमें, सत्यव्रतमें तत्पर रहनेवाले महातेजस्वी महाभाग महात्मा मुनियोंने एक विशाल ज्ञानयज्ञका आयोजन किया गया। महात्मा मुनियोंने श्री सूत जी से कहा की…

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सचेतन :13. श्रीशिवपुराण- विद्येश्वर संहिता – भगवान शंकर का वर्णन- ‘पंचानन’ या ‘पंचवक्त्र’-2

सचेतन :13. श्रीशिवपुराण- विद्येश्वर संहिता – भगवान शंकर का वर्णन- ‘पंचानन’ या ‘पंचवक्त्र’-2  Sachetan: Method of listening to Shiva Purana किसी भी चीज़ के निर्माण से फले उसका ध्यान उसकी परिकल्पना आवश्यक है, चाहे श्वेतलोहित नामक उन्नीसवें कल्प में ब्रह्मा सृष्टि रचना के ज्ञान के लिए परब्रह्म का ध्यान किया था। तब भगवान शंकर ने…

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सचेतन :11. श्रीशिवपुराण- शिव पुराण के श्रवण की विधि

सचेतन :11. श्रीशिवपुराण- शिव पुराण के श्रवण की विधि  Sachetan: Method of listening to Shiva Purana उस परमपुण्यमय शिवपुराण को सुनकर उस बिंदुग पिशाच ने अपने सारे पापोंं को धोकर उस पैशाचिक शरीर को त्याग दिया। फिर तो शीघ्र ही उसका रुप दिव्य हो गया। अंगकान्ती गौर वर्ण की हो गयी। शरीर पर स्वेत वस्त्र…

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सचेतन :10. श्रीशिवपुराण- गन्धर्वराज तुम्बरु द्वारा बिंदुग पिशाच का उद्धार

नवंबर 11, 2022-  ShreeShivPuran  सचेतन :10. श्रीशिवपुराण- गन्धर्वराज तुम्बरु द्वारा बिंदुग पिशाच का उद्धार  Sachetan: Shri Shiv Puran – The salvation of Binduga Vampire by Gandharvaraj Tumbra अब सूूतजी कहते है – शौनक ! गौरीदेवी चंचुला के पति के महान दुःख से दुःखी हो गयी। फिर चंचुला ने मन को स्थिर कर के व्यथित ह्रदय…

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सचेतन :9. श्रीशिवपुराण- चंचुला ने देवी पार्वती से अपने पति बिंदुगा की मुक्ति के लिए प्रार्थना की।

नवंबर 10, 2022-  ShreeShivPuran  सचेतन :9. श्रीशिवपुराण- चंचुला ने देवी पार्वती से अपने पति बिंदुगा की मुक्ति के लिए प्रार्थना की। Sachetan: Shri Shiv Puran – Chanchula prayed to goddess Parvati for the salvation of her husband, Binduga. श्री सूतजी ने गोपनीय कथावस्तु का वर्णन करते हुए बोले एक वाष्कल नमक ग्राम में  अधम, दुरात्मा…