सुगमता
जो दिखता है, वह मैं नहीं।
जो देखता है, वह मैं हूँ।
सचेतन — प्रतिदिन पाँच मिनट, अपने आप की ओर
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आज का सचेतन

सचेतन — 62 "'मैं-मैं' की धड़कन — जो कभी नहीं रुकती"

21 अगस्त 2602 · विवेकचूड़ामणि