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सचेतन 2.23: रामायण कथा: सुन्दरकाण्ड – अथक परिश्रम के लिए पराक्रमी, और वीर्यवान बनना पड़ता है।

पवनपुत्र हनुमान् ने लंका का अवलोकन किया।  आज हम सुंदरकांड के द्वितीयः सर्गः की शुरुआत कर रहे हैं जिसमें लंकापुरी का वर्णन है और, उसमें हनुमान जी के लंका में प्रवेश करने के विषय में विचार लिखा गया  है जिसमें उनका लघुरूप से पुरी में प्रवेश तथा चन्द्रोदय का वर्णन किया गया है।  महाबली हनुमान्…