0 Comments

सचेतन 2.7: रामायण कथा: सुन्दरकाण्ड – आपके घोषणा में इतनी तीव्रता होनी चाहिए की चारों ओर हलचल मच जाये

समुन्द्र ने हनुमान जी के बाहुवल के कारण उनको श्री रघुनाथ जी का दूत समझकर मैनाक पर्वत से कहा कि है अपने ऊपर इन्हे विश्राम दे। कल हमने बात किया था की सामान्य समझदारी वाले संकल्प से कार्य सिद्धी होती है। जब भी हम काम की तैयारी करें तो सबसे पहले आपने शारीरिक और मानसिक…