Tag: मंत्रयोग से स्पर्शयोग तक पहुँचने के लिए प्राणायाम का अभ्यास करना होगा प्राणायाम करते समय आप आपने बाहर और भीतर हो रहे शब्दों को ध्यान से सुने तो लगेगा की आपको मन की एकाग्रता चाहिए!