- 2025-11-18 · कड़ी 1सचेतन- 43 वेदांत सूत्र: विवेक : क्या सच में हमारा है, और क्या सिर्फ़ कुछ समय का अतिथि
- 2026-04-22 · कड़ी 2सचेतन – 01 विवेकचूडामणि- “जिसे हम खोज नहीं सकते… वही सबसे सच्चा है”
- 2026-04-24 · कड़ी 3सचेतन – 02 विवेकचूडामणि – “इतना कीमती जीवन… और हम उसे किस बात में खो रहे हैं?”
- 2026-04-25 · कड़ी 4सचेतन – 03 विवेकचूडामणि- “बाहर भागकर नहीं… समझकर ही शांति मिलेगी”
- 2026-05-02 · कड़ी 5सचेतन – 04 विवेकचूडामणि- “हर कोई तैयार नहीं होता — क्या आप सच में तैयार हैं?”
- 2026-05-05 · कड़ी 6सचेतन – 05 विवेकचूडामणि- “अगर सच में बदलना है… तो ये 4 चीज़ें ज़रूरी हैं”
- 2026-05-06 · कड़ी 7सचेतन – 06 विवेकचूडामणि- “सही गुरु कैसे मिले… और सही सवाल कैसे पूछें?”
- 2026-05-07 · कड़ी 8सचेतन – 07 विवेकचूडामणि- “डर मत… रास्ता है — और वह तुम्हारे भीतर है”
- 2026-05-14 · कड़ी 9सचेतन – 08 विवेकचूडामणि- “सही सवाल पूछो… जीवन बदल जाएगा”
- 2026-05-15 · कड़ी 10सचेतन – 09 विवेकचूडामणि-
- 2026-05-16 · कड़ी 11सचेतन – 10 विवेकचूडामणि- “कोई आपको नहीं बदल सकता… यह काम आपको खुद करना होगा”
- 2026-05-18 · कड़ी 12सचेतन – 11 विवेकचूडामणि — “मनुष्य जीवन इतना कीमती क्यों है — और हम इसे किस बात में खो रहे हैं?”
- 2026-05-19 · कड़ी 13सचेतन – 12 विवेकचूडामणि — “दुनिया से भागना नहीं… भ्रम से बाहर आना है”
- 2026-05-20 · कड़ी 14सचेतन — Episode 13 "सिर्फ सुनने से कुछ नहीं बदलेगा… अनुभव करना
- 2026-05-21 · कड़ी 15सचेतन – 14 विवेकचूडामणि "सिर्फ इच्छा नहीं… लगातार प्रयास चाहिए"
- 2026-05-22 · कड़ी 16सचेतन – 15 विवेकचूडामणि — "क्या मैं सिर्फ यह शरीर हूँ?"
- 2026-05-23 · कड़ी 17सचेतन – 16विवेकचूडामणि —"जो तुम्हें अच्छा लग रहा है… वही तुम्हें बाँध भी रहा है"
- 2026-05-25 · कड़ी 18सचेतन – 17 विवेकचूडामणि — "जिसे तुम सहारा समझ रहे हो… वही तुम्हें डुबो भी सकता है"
- 2026-05-26 · कड़ी 19सचेतन – 18 विवेकचूडामणि — जिस शरीर के लिए पूरी जिंदगी भाग रहे हो… वह आखिर है क्या?"
- 2026-05-27 · कड़ी 20सचेतन — 18- दस इन्द्रियाँ — तुम्हें पकड़ रही हैं या तुम उन्हें चलाते हो?
- 2026-05-29 · कड़ी 21सचेतन —19: "तुम्हारे भीतर 4 शक्तियाँ हैं"
- 2026-05-30 · कड़ी 22सचेतन — 20: पञ्चप्राण — तुम्हारे भीतर 5 शक्तियाँतुम्हारे भीतर 5 शक्तियाँ हैं — और ये गड़बड़ा रही हैं!
- 2026-06-01 · कड़ी 23सचेतन — 21: "सूक्ष्म शरीर — तुम्हारे भीतर एक दूसरा शरीर है"
- 2026-06-02 · कड़ी 24जून 1 -2026 सचेतन — 22: "प्राण के धर्म — शरीर की अपनी भाषा है"
- 2026-06-04 · कड़ी 25🎙️ सचेतन — 23 अहंकार — जो तुम्हें सुख और दुख देता है
- 2026-06-05 · कड़ी 26सचेतन — 24 "प्रेम की आत्मार्थता — तुम सब कुछ अपने लिए ही प्यार करते हो"
- 2026-06-06 · कड़ी 27सचेतन — 25 "माया — दुनिया की सबसे बड़ी जादू""दुनिया एक जादू है — और तुम फँसे हो! 🌍✨"
- 2026-06-08 · कड़ी 28सचेतन — 26: "रजोगुण — तुम्हें अंदर से कुरेद रहा है""रजोगुण — तुम्हें कभी शांत नहीं रहने देता! 🔥"
- 2026-06-09 · कड़ी 29सचेतन — 27 "तमोगुण — आप सो तो नहीं रहे जागते हुए? 😴"
- 2026-06-10 · कड़ी 30सचेतन — 28: "सत्त्वगुण — जब जीवन शांत और खुबसूरत हो जाता है""सत्त्वगुण — जब जीवन शांत और सुंदर हो जाता है ✨"
- 2026-06-11 · कड़ी 31सचेतन — 29 "कारण-शरीर — वह रहस्य जो आप हर रात भूल जाते हो"
- 2026-06-12 · कड़ी 32सचेतन — 30: "अनात्म-निरूपण — सब कुछ जो आप नहीं हो"
- 2026-06-13 · कड़ी 33सचेतन — 31 "आत्मा — जो आप वाकई हो"
- 2026-06-16 · कड़ी 34सचेतन — 32 "ब्रह्म — एक सरल बात"
- 2026-06-17 · कड़ी 35सचेतन — 33"मुक्ति — बहुत आसान बात"
- 2026-06-18 · कड़ी 36सचेतन — 33B "मुक्ति तुरंत है"
- 2026-06-19 · कड़ी 37सचेतन — 34 "सचेतन होना — ज्ञान को जीना"
- 2026-06-20 · कड़ी 38सचेतन — 35 "अध्यास — कैसे शुरू होता है bondage"
- 2026-06-22 · कड़ी 39सचेतन — 36 "अहंकार का खेल — कैसे bondage को permanent बना देता है"
- 2026-06-23 · कड़ी 40सचेतन — 37 "विवेक — अध्यास से मुक्ति का एकमात्र तरीका"
- 2026-06-24 · कड़ी 41सचेतन — 38 "आवरणशक्ति और विक्षेपशक्ति — माया की दोहरी रणनीति"
- 2026-07-03 · कड़ी 42सचेतन — 39 "संसार का पेड़ — bondage की पूरी संरचना"
- 2026-07-04 · कड़ी 43सचेतन — 40 "विवेक की तलवार — जो कभी टूटती नहीं"
- 2026-07-06 · कड़ी 44सचेतन — 41 "पाँच परतें — जो आपको आपसे छिपाए हुए हैं"
- 2026-07-09 · कड़ी 45सचेतन — 42 "शरीर — देखी जाने वाली चीज़ है, देखने वाला नहीं"
- 2026-07-10 · कड़ी 46सचेतन — 43 "तीन तरह के लोग — तीन तरह की पहचान"
- 2026-07-13 · कड़ी 47सचेतन — 44 "'मैं शरीर हूँ' — यह सोच छोड़िए, मुक्ति पाइए"
- 2026-07-14 · कड़ी 48सचेतन — 45 "प्राणमय कोश — साँस भी 'मैं' नहीं"
- 2026-07-15 · कड़ी 49सचेतन — 46 "मनोमय कोश — 'मैं-मेरा' की फैक्ट्री... नहीं, 'मैं-मेरा' का कारखाना"
- 2026-07-16 · कड़ी 50सचेतन — 47 "सपना, जागना, गहरी नींद — मन का जादू"
- 2026-07-18 · कड़ी 51सचेतन — 48 "जो बाँधता है, वही छुड़ाता है — मन के दो चेहरे"
- 2026-07-20 · कड़ी 52सचेतन — 49 "मन को धोइए — मुक्ति हथेली के आँवले जैसी"
- 2026-07-21 · कड़ी 53सचेतन — 50 "विज्ञानमय कोश — 'मैं करता हूँ' कहने वाला कौन?"
- 2026-07-22 · कड़ी 54सचेतन — 51 "सबसे चमकीला पर्दा — जो चेतना के सबसे पास है"
- 2026-07-24 · कड़ी 55सचेतन — 52 "चोले बदलते हैं — पहनने वाला नहीं"
- 2026-07-27 · कड़ी 56सचेतन — 53 "आग और लोहा — छूकर भी अछूती"
- 2026-07-28 · कड़ी 57सचेतन — 54 "शिष्य का सवाल — मुक्ति होगी कैसे?"
- 2026-07-29 · कड़ी 58सचेतन — 55 "गुरु का उत्तर — बंधन कोई चीज़ नहीं, एक भूल है"
- 2026-07-31 · कड़ी 59सचेतन — 56 "अनादि होकर भी अंत — सपने का रहस्य"
- 2026-08-05 · कड़ी 60सचेतन — 57 "गँदला पानी — और ठहरने की कला"
- 2026-08-06 · कड़ी 61सचेतन — 58 "आनंदमय कोश — सुख की सबसे भीतरी परत"
- 2026-08-10 · कड़ी 62सचेतन — 59 "सुख का सोता — बाहर नहीं, भीतर है"
- 2026-08-12 · कड़ी 63सचेतन — 60 "पाँचों पर्दे हटे — अब बचा कौन?"
- 2026-08-17 · कड़ी 64सचेतन — 61 "शून्य का डर — और उसे देखने वाला"
- 2026-08-22 · कड़ी 65सचेतन — 63 "घड़े के पानी में सूरज — सबसे बड़ी भूल"
- 2026-08-24 · कड़ी 66सचेतन — 65 "बूँद और सागर — जो कभी अलग थे ही नहीं"
- 2026-08-25 · कड़ी 67सचेतन — 66 "दो नहीं — एक ही है"
- 2026-08-29 · कड़ी 68सचेतन — 67 "घड़ा दिखाओ — मिट्टी के बिना!"
- 2026-08-31 · कड़ी 69सचेतन — 68 "सोए हुए आदमी का बड़बड़ाना"
- 2026-09-01 · कड़ी 70सचेतन — 69 "दो गवाह — श्रीकृष्ण का वचन, और आपकी नींद"
- 2026-09-07 · कड़ी 71सचेतन — 70 "सीपी और चाँदी — जो दिखा, वह भी वही"
- 2026-09-08 · कड़ी 72सचेतन — 71 "ब्रह्म कैसा है? — पहली झलक"
- 2026-09-09 · कड़ी 73सचेतन — 72 "बिना नाम, बिना रूप — अपने आप जलती ज्योति"
- 2026-09-10 · कड़ी 74सचेतन — 73"गूँगे का गुड़ — और नमक की गुड़िया"
- 2026-09-17 · कड़ी 75सचेतन — 74 "तीन शब्दों का महावाक्य — तत् त्वम् असि"
- 2026-09-22 · कड़ी 76सचेतन — 75 "जुगनू और सूरज एक कैसे?"
- 2026-09-23 · कड़ी 77सचेतन — 76 "राजा की पोशाक, सैनिक की ढाल"
- 2026-09-24 · कड़ी 78सचेतन — 77 "नेति-नेति — यह नहीं, यह भी नहीं"
- 2026-09-25 · कड़ी 79सचेतन — 78 "वही देवदत्त यह है — महावाक्य की कुंजी"
- 2026-09-28 · कड़ी 80सचेतन — 79 "ब्रह्म-भावना — अब समझना नहीं, भिगोना है"
- 2026-09-29 · कड़ी 81सचेतन — 80 "नाम से परे, चिप्पियों से परे — पहला मोती"
- 2026-09-30 · कड़ी 82सचेतन — 81 "सेना के बीच राजा — और हथेली का पानी"
- 2026-10-01 · कड़ी 83सचेतन — 82 वासना- "जानने के बाद भी — पुरानी आदत क्यों खींचती है?"
- 2026-10-03 · कड़ी 84सचेतन — 83 "तीन बेड़ियाँ — 'लोग क्या कहेंगे' सबसे भारी"
- 2026-10-05 · कड़ी 85सचेतन — 84 "चंदन की ख़ुशबू — दबी थी, मरी नहीं थी"
- 2602-08-21 · कड़ी 86सचेतन — 62 "'मैं-मैं' की धड़कन — जो कभी नहीं रुकती"
