सचेतन :82 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पुरुष जन्म लेते ही अपने मन को भी मथने लगते हैं 

| | 0 Comments

#RudraSamhita   https://sachetan.org/

श्री शिव पुराण के रूद्र संहिता से यह संवाद ब्रह्माजी और मुनिश्रेष्ठ नारद जी के बीच हो रहा है। 

ब्रह्मा जी कहते हैं- मुनिश्रेष्ठ हे नारद जी! तदन्नतर मेरे अभिप्राय को जानने वाले मरीचि आदि मेरे पुत्र सभी मुनियों ने उस पुरुष का उचित नाम रखा। दक्ष आदि प्रजापतिओं ने उसका मुंह देखते ही परोक्ष के भी सारे वृतांत जानकर उनके लिए स्थान और पत्नी प्रदान की। मेरे पुत्र मरीचि आदि द्विजों ने उस पुरुष के नाम निश्चित करके उससे यह युक्तियुक्त बात कही।

मरीचि एक ऋषि हैं। वे ब्रह्मा के एक मानसपुत्र तथा सप्तर्षियों में से एक हैं। गीता के अनुसार मरीचि वायु है और कश्यप ऋषि के पिता हैं। इनका विवाह दक्ष प्रजापति की पुत्री सम्भूति के साथ हुआ था।

पुरुष यानी जीवात्मा (आत्मा) जिसको कपिल मुनि कृत सांख्य शास्त्र में पुरुष कहा गया है – ध्यान दीजिये इसमें यह लिंग द्योतक न होकर आत्मा द्योतक है।

मरीचि एक ऋषि जीवात्मा (आत्मा) को पुरुष का उचित संज्ञा दिया। ऋषि बोले- पुरुष जन्म लेते ही अपने मन को भी मथने लगे। इसलिए लोक में मन्मथ नाम से विख्यात होंगे। यह पुरुष मनोभव! तीनों लोकों में अपनी इच्छा अनुसार रूप धारण करने वाले हैं, इनके समान सुंदर दूसरा कोई नहीं है।

ब्रह्मा जी मुनिश्रेष्ठ नारद जी से कहते हैं की यह कामरूप होने के कारण आप काम नाम से भी विख्यात हो गये। लोगों को मदमत् बना देने के कारण तुम्हारा एक नाम मदन होगा। तुम्हें बड़े दर्प से उत्पन्न हुए हो इसलिए दर्पक कहलाओगे और संर्दप होने के कारण ही जगत में कंदर्प नाम से भी तुम्हारी ख्याती होगी। दर्प यानी अहंकार, घमंड, गर्व, मन का एक भाव जिसके कारण व्यक्ति दूसरों को कुछ न समझे, अक्खड़पन।कंदर्प नाम का अर्थ “प्यार के देवता, कंदर्प का अर्थ है प्यार के स्वामी” होता है।एक पौराणिक देवता जो काम और वासना के उत्प्रेरक माने जाते हैं; कामदेव; मदन; अनंग; मन्मथ संगीत में रुद्रताल का एक प्रकार या भेद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Sachetan Logo

Start your day with a mindfulness & focus boost!

Join Sachetan’s daily session for prayers, meditation, and positive thoughts. Find inner calm, improve focus, and cultivate positivity.
Daily at 10 AM via Zoom. ‍