मुक्ति की राह पर पहला कदम राजकुमार सिद्धार्थ ने दृढ़ निश्चय के साथ घोड़े की पीठ पर चढ़ते हुए सिंहनाद किया, “जब तक मैं जन्म और मृत्यु के चक्र का अंत नहीं देख लूँगा, तब तक मैं इस कपिलवस्तु नगर में वापस नहीं लौटूँगा!” उनकी इस प्रतिज्ञा को सुनकर देवता भी प्रसन्न हो उठे। स्वर्ग […]
Tag: मुक्ति
सचेतन 3.03 : नाद योग: ॐ का महत्व
नाद योग में ॐ का प्रयोग नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे विशेष नाद योग (योग विद्या) पर सचेतन के इस विचार के सत्र में। आज हम एक ऐसे विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं जो न केवल आध्यात्मिक है बल्कि हमारे मन और शरीर के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। आज का विषय […]
