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सचेतन- 53 वेदांत सूत्र:  मुमुक्षुत्व — भीतर की पुकार

“क्या आपको कभी ऐसा लगा है…कि बाहर सब ठीक है,सब है—फिर भी दिल के अंदरएक खालीपन है? एक कमी…जिसका नाम आप नहीं जानते। वेदांत कहता है—इस खालीपन का नाम है मुमुक्षुत्व…मुक्त होने की पुकार…सच्ची शांति को छू लेने की प्यास।” “दोस्तों…हम सबके जीवन में एक समय आता हैजब मन थक जाता है। थकान शरीर की […]

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सचेतन- 02: मनुष्य जन्म: चेतना की उच्चतम अवस्था

सचेतन का कार्यक्रम धार्मिक शिक्षा नहीं, बल्कि जीवन का दिशा–सूचक तारा है।यह हमें आलस्य, भ्रम और अज्ञान से मुक्त करके ज्ञान, कर्म और आत्मोन्नति की ओर ले जाता है। मनुष्य जन्म का आध्यात्मिक अर्थ क्या है? मनुष्य जन्म कोई सामान्य बात नहीं है। यह परमात्मा का दिया हुआ एक विशेष अवसर है — स्वयं को […]