सचेतन :62 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिव जी क्रोधित होकर ब्रह्मा जी को शाप दे दिया #RudraSamhita भगवान् विष्णुकी नाभिसे कमलका प्रादुर्भाव, शिवेच्छावश ब्रह्माजीका उससे प्रकट हुए, कमलनालके उद्गमका पता लगानेमें असमर्थ ब्रह्मा जी को भगवान् शिवकी इच्छासे परम मंगलमयी उत्तम आकाशवाणी सुनाई दिया की ‘तप’ (तपस्या करो)। श्रीहरिका उन्हें दर्शन देना, विवादग्रस्त ब्रह्मा- […]
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सचेतन :61 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिवजी की इच्छा से विष्णुजी की नाभि से ब्रह्मा जी प्रकट हुए हैं
सचेतन :61 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिवजी की इच्छा से विष्णुजी की नाभि से ब्रह्मा जी प्रकट हुए हैं #RudraSamhita शिव जी अपने वामभाग के दसवें अंग पर अमृत मल कर एक सुंदर पुरुष को प्रकट किए, जो विष्णु हुए जिनका निवास क्षीरसागर है। उनका शयन शेषनाग के ऊपर है। वह अपने नीचे वाले […]
सचेतन :60 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: विष्णु और ब्रह्मा शिव से प्रकट हुए हैं
सचेतन :60 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: विष्णु और ब्रह्मा शिव से प्रकट हुए हैं #RudraSamhita श्री नारद जी शिवजी की भक्ति में डूबे हुए देख कर ब्रह्माजी ने कहा ;– हे नारद! तुमने जगत के लोगों के हित के लिए शिव महिमा जैसी बहुत उत्तम बात पूछी है। जिसके सुनने से मनुष्य के सब […]
सचेतन :58 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद के शाप को श्री विष्णु ने पूरी तरह स्वीकार कर श्री राम के रूप में मनुष्य बन कर अवतरित हुए
सचेतन :58 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद के शाप को श्री विष्णु ने पूरी तरह स्वीकार कर श्री राम के रूप में मनुष्य बन कर अवतरित हुए #RudraSamhita नारद जी को अपना असली रूप वापस मिल गया था। लेकिन भगवान विष्णु पर उन्हें बहुत गुस्सा आ रहा था, क्योंकि विष्णु के कारण ही उनकी […]
सचेतन :59 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिव तत्व का वर्णन
सचेतन :59 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: शिव तत्व का वर्णन #RudraSamhita श्री नारद जी शिवजी की भक्ति में डूबे, उनका स्मरण करते हुए ब्रह्मलोक को चले गए। वहां पहुंचकर उन्होंने ब्रह्माजी को आदरपूर्वक नमस्कार किया और उनकी स्तुति करने लगे। उस समय उनका हृदय शुद्ध हो चुका था और उनके हृदय में शिवजी के […]
सचेतन :57 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद जी मोह माया वश क्रोध में आकर भगवान विष्णु को स्त्री वियोग श्राप दिया
सचेतन :57 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद जी मोह माया वश क्रोध में आकर भगवान विष्णु को स्त्री वियोग श्राप दिया #RudraSamhita आराधना से नारद मुनि पर कामदेव का कोई प्रभाव नहीं पड़ा उसका कारण ये था की उसी स्थान पर एक समय भगवान शिव ने तपस्या की थी और कामदेव को अपने तीसरे […]
सचेतन :56 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद जी भी मोह माया के चुम्बकीय आकर्षण में फंस गए थे
सचेतन :56 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद जी भी मोह माया के चुम्बकीय आकर्षण में फंस गए थे #RudraSamhita सूतजी कहते हैं कि जो नारद मुनि पर कामदेव का कोई प्रभाव नहीं पड़ा उसका कारण ये था की उसी स्थान पर एक समय भगवान शिव ने तपस्या की थी और कामदेव को अपने तीसरे […]
सचेतन :55 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद ने विषय-वासनाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए परब्रह्म की कठोर साधना
सचेतन :55 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: नारद ने विषय-वासनाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए परब्रह्म की कठोर साधना Rudra Samhita: Describing the Birth of Parvati, Sita and Radha पार्वती, उमा या गौरी मातृत्व, शक्ति, प्रेम, सौंदर्य, सद्भाव, विवाह, संतान की देवी हैं। देवी पार्वती कई अन्य नामों से जानी जाती है, वह सर्वोच्च […]
सचेतन :54 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पार्वती, सीता और राधा के जन्म शक्ति स्वरूप का वर्णन
सचेतन :54 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पार्वती, सीता और राधा के जन्म शक्ति स्वरूप का वर्णन – Rudra Samhita: Describing the Birth of Parvati, Sita and Radha दक्ष की साठ कन्याओं से सृष्टि की उत्पत्ति हुई और उनका विवाह श्रेष्ठ मुनियों के साथ हुआ था। उन कन्याओं में एक स्वधा नाम की कन्या थी, […]
सचेतन :53 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पार्वती, सीता और राधा के जन्म का वर्णन
सचेतन :53 श्री शिव पुराण- रूद्र संहिता: पार्वती, सीता और राधा के जन्म का वर्णन Rudra Samhita: Describing the Birth of Parvati, Sita and Radha नारदजीने पूछा-विधे! विद्वन्! अब आदरपूर्वक मेरे सामने मेनाकी उत्पत्तिका वर्णन कीजिये। उसे किस प्रकार शाप प्राप्त हुआ था, यह कहिये और मेरे संदेहका निवारण कीजिये। ब्रहााजी बोले—मुने! मैंने अपने दक्ष […]
