0 Comments

सचेतन- 47 वेदांत सूत्र: शम: मन को शांत करने की कला

वेदांत कहता है—“मन तैयार हो जाए, तो सत्य का अनुभव सहज हो जाता है।” सत्य कोई दूर की चीज़ नहीं है,और न ही यह किसी विशेष स्थान में छुपा हुआ है।सत्य तो हमारे भीतर ही है—बस मन की चंचलता, अशांति और इच्छाओं की धूल उसे ढँक देती है। इसीलिए आत्मज्ञान की यात्रा में कहा गया […]

0 Comments

सचेतन- 46 वेदांत सूत्र:  🌼 “आत्म-साक्षात्कार का मार्ग और षट्सम्पत्ति की तैयारी”

सचेतन सुनने वाले सभी साथियों को मेरा प्रणाम।आज हम बात करेंगे—आत्म-साक्षात्कार, यानी अपने असली स्वरूप को पहचानने की यात्रा के बारे में।वेदांत इसे मानव जीवन की सबसे सुंदर और सबसे सच्ची खोज कहता है। हम सब अपने जीवन में बहुत कुछ खोजते हैं—सुख, शांति, सफलता, मान-सम्मान…लेकिन धीरे-धीरे एक सवाल भीतर उठता है—“मैं सच में कौन […]