वेदान्त की चार सीढ़ियाँनमस्कार दोस्तों,आप सुन रहे हैं सचेतन —जहाँ हम जीवन, मन और आत्मा के अनुभवों कोसरल भाषा में समझते हैं। आज का विषय है—विरह, विरक्ति, वैराग्य और संन्यास वेदान्त में ये चारों एक गहरी, आंतरिक यात्रा के चरण हैं।बाहरी दुनिया से भीतर की ओर लौटने की यात्रा। विरह — दूरी का दर्द विरह […]
