0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-34 : धर्मबुद्धि और पापबुद्धि की कथा

नमस्कार दोस्तों!आप सभी का “सचेतन” के इस नए एपिसोड में हार्दिक स्वागत है। पिछले एपिसोड में हमने “बंदर और गौरैया” की कहानी सुनी, जिसमें यह संदेश दिया गया था कि दूसरों को कष्ट देकर खुशी पाने की कोशिश करने वाला व्यक्ति अपने विनाश की ओर अग्रसर होता है। इसके साथ ही हमने शास्त्रों में वर्णित […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-33 : बंदर और गौरैया की कथा-2

शास्त्रों में पुत्रों को चार प्रकार का बताया गया है—जात, अनुजात, अतिजात और अपजात। नमस्कार दोस्तों! “सचेतन” के दूसरे एपिसोड में आपका स्वागत है। पिछले एपिसोड में हमने “बंदर और गौरैया” की कहानी सुनी। गौरैया ने अपने घोंसले के टूटने के बाद कहा, “दूसरों को कष्ट पहुंचाकर खुश होने वाला व्यक्ति अपने विनाश की ओर […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-32 : बंदर और गौरैया की कथा

नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आपका “सचेतन” के इस खास एपिसोड में, जहाँ हम पंचतंत्र की एक और रोचक कहानी लेकर आए हैं। आज की कहानी है, “बंदर और गौरैया।” किसी जंगल में एक शमी के वृक्ष की एक डाल पर गौरय्या का एक जोड़ा अपना घोंसला बनाकर सुखपूर्वक रहता था। एक दिन ठंडी हवाओं के […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-31 : सूचीमुख और बंदर की कथा

नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आपके पसंदीदा कार्यक्रम “सचेतन” में, जहाँ हम प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक कहानियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण पाठ सीखते हैं। आज की कहानी है “सूचीमुख और बंदर की कथा”। यह कहानी हमें सिखाती है कि जहाँ समझदारी से काम लेने की जरूरत हो, वहाँ मूर्खों के साथ व्यर्थ की बहस करना […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-30 :सिंह, ऊँट, सियार और कौए की कथा-३

नमस्कार दोस्तों! “सचेतन” के तीसरे एपिसोड में आपका स्वागत है। पिछली बार हमने देखा कि कैसे ऊँट को छलपूर्वक मारा गया। आज हम इस कहानी का अंतिम भाग सुनेंगे। ऊँट ने अपनी जान देने का प्रस्ताव रखा था, और सियार और चीते ने तुरंत उसकी हत्या कर दी। बाद में सभी ने मिलकर उसे खा […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-29 :सिंह, ऊँट, सियार और कौए की कथा-२

स्वागत है आपका “सचेतन” के विचार के सत्र में जहां हम सिंह, ऊँट, सियार और कौए की कथा के दूसरे एपिसोड में हैं। पिछली बार हमने देखा कि मदोत्कट सिंह बुरी तरह घायल हो गया था और उसके नौकर भूख से परेशान थे। यहां से कहानी एक और मोड़ लेती है, जहां लोभ और स्वामी-भक्ति […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-28 :सिंह, ऊँट, सियार और कौए की कथा

नमस्कार, दोस्तों! स्वागत है आपका “सचेतन” के नए एपिसोड में। आज हम आपको एक दिलचस्प कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसमें मदोत्कट सिंह, उसके नौकर और एक बेचारा ऊँट शामिल है। चलिए, शुरू करते हैं। किसी वन में मदोत्कट नाम का एक सिंह रहता था। उसके नौकरों में चीता, कौआ, सियार और दूसरे पशु शामिल […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-27 :सियार की चाल-2

सियार चंडरव की कथा नमस्कार दोस्तों! आपका स्वागत है “सचेतन” के इस सत्र में, जहाँ हम पंचतंत्र की कहानियों से सीख और प्रेरणा लेते हैं। आज की कहानी है एक चालाक सियार ‘चंडरव’ की, जो जंगल के दूसरे जानवरों को अपनी बुद्धिमानी से ठगता है। एक दिन भूख से परेशान होकर चंडरव नामक सियार भोजन […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-26 :सियार की चाल

सियार चंडरव की कथा नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आपका “सचेतन” के इस नए सत्र में, जहाँ हम पंचतंत्र की अद्भुत कहानियों से जीवन की महत्वपूर्ण सीख लेते हैं। आज की कहानी एक सियार ‘चंडरव’ की है, जो अपनी चतुराई और किस्मत के कारण जंगल का राजा बन जाता है, लेकिन अंत में उसकी असलियत सभी […]

0 Comments

सचेतन, पंचतंत्र की कथा-24 : सिंह और खरगोश की कथा-3

एक दिन खरगोश की बारी आई। खरगोश चिंतित था लेकिन उसने अपनी चतुराई से सिंह को मारने की योजना बनाई। रास्ते में उसे एक कुआँ मिला, और उसकी परछाई देखकर उसने सोचा कि इसी कुएं का इस्तेमाल कर सिंह को गुस्सा दिलाकर फंसाया जा सकता है। सिंह के पास देर से पहुँचने पर उसने सिंह […]