सचेतन — 32 “ब्रह्म — एक सरल बात”
नमस्कार। आज की बात बहुत सरल है।
पिछले episode में आपने सीखा कि आप कौन हो।
आप एक consciousness हो।
लेकिन अब एक बहुत बड़ी बात है।
आप सिर्फ अपने आप नहीं हो।
आप वही हो जो सब में है।
यह बात समझ लो तो सब कुछ clear हो जाता है।
लहर और समुद्र
समुद्र है।
बहुत बड़ा।
और उसमें एक लहर है।
लहर सोचती है — “अरे, मैं तो अलग हूँ।”
“मेरा अपना shape है।”
“मैं unique हूँ।”
लेकिन सोचो… क्या लहर सच में अलग है?
नहीं।
लहर तो समुद्र ही है।
लहर समुद्र से अलग नहीं है।
लहर में जो पानी है… वह समुद्र का ही है।
लहर को move करने वाली wind… वह समुद्र को भी move कर रही है।
तो लहर अगर समझ जाए कि “मैं तो समुद्र ही हूँ।”
तो उसका सब fear खत्म।
उसकी सब tension खत्म।
वैसे ही आप भी।
आप अलग नहीं हो।
आप सब कुछ का हिस्सा हो।
सोना और गहने
एक सुनार है।
वह सोना लेता है।
और ring बनाता है। Necklace बनाता है। Bracelet बनाता है।
सब को देखो तो अलग-अलग लगते हैं।
लेकिन सब में क्या है?
सोना।
Ring में सोना। Necklace में सोना। Bracelet में सोना।
Ring को आग में डालो… ring खत्म।
लेकिन सोना?
सोना तो सोना ही रहता है।
वैसे ही यह दुनिया।
सब कुछ अलग-अलग दिखता है।
लेकिन सब में एक ही चीज़ है।
उसे कहते हैं — ब्रह्म।
आज का Question
अपने आप से पूछो।
“क्या मैं अलग हूँ?”
या…
“मैं भी सब में से ही हूँ?”
लहर = समुद्र ही है।
Ring = सोने का ही है।
तो वैसे ही… हम भी सब का ही हिस्सा है।
Light और Shadows
एक कमरा है।
सूरज की light आती है।
और अंदर shadows बनते हैं।
कहीं काली shadow। कहीं grey shadow।
सब अलग-अलग।
लेकिन सवाल करो… ये shadows आई कहाँ से?
Light से।
Light को हटाओ… सब shadows गायब।
Light को बढ़ाओ… सब shadows change।
तो shadows तो light का ही खेल हैं।
वैसे ही दुनिया।
सब कुछ अलग दिखता है।
लेकिन सब एक ही consciousness का खेल है।
उसे कहते हैं — ब्रह्म।
ब्रह्म क्या है
ब्रह्म = एक।
सिर्फ एक।
और वह everywhere है।
Mountain में ब्रह्म है।
River में ब्रह्म है।
Bird में ब्रह्म है।
तुम में ब्रह्म है।
मैं में ब्रह्म है।
सब में एक ही ब्रह्म है।
सबसे बड़ी बात
आप ही ब्रह्म हो।
बस आप को पता नहीं।
जैसे wave को नहीं पता कि वह ocean है।
जैसे ring को नहीं पता कि वह सोना है।
क्या होता है जब समझ आ जाता है
जब आप को realize हो जाता है…
“मैं ही सब कुछ में हूँ।”
तो क्या होता है?
Fear खत्म।
Tension खत्म।
सिर्फ प्यार बचता है।
सब के लिए।
क्योंकि सब में तुम्हारा ही आत्मा है।
Final बात
यह ब्रह्म कोई दूर की चीज़ नहीं।
यह तुम्हारे अंदर है।
अभी।
यहीं।
बस समझो… बस।
यह था सचेतन।
नमस्कार। 🙏
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