सचेतन — 33″मुक्ति — बहुत आसान बात”
नमस्कार। अब तक आपने समझा।
आप कौन हो।
और सब एक ही हो।
लेकिन सवाल है…
क्या इस बात को समझने से कुछ change होता है?
क्या आप मुक्त हो जाते हो?
जवाब है — हाँ।
कैदी की Release
एक कैदी है।
20 साल जेल में बैठा है।
हर दिन सोच रहा है — “अरे, मैं तो कैदी हूँ।”
“मैं suffering कर रहा हूँ।”
“कब तक यह सब खत्म होगा।”
लेकिन एक दिन…
Judge आता है।
और कहता है — “तुम innocent हो।”
“तुम free हो।”
“अब जा सकते हो।”
कैदी को अचानक realize होता है।
“अरे… अगर मैं innocent हूँ।”
“तो मैं तो 20 साल से ही free था।”
“मुझे सिर्फ पता नहीं था।”
तो जेल तो physical same है।
लेकिन कैदी की feeling पूरी तरह change।
क्योंकि उसे समझ आ गया — “मैं तो कभी कैदी नहीं था।”
वैसे ही आप भी।
आप हमेशा free हो।
बस पता नहीं है।
जब पता चल जाता है तो सब change।
Student को Certificate
एक student है।
बहुत मेहनत कर रहा है।
सोच रहा है — “अरे, मुझे degree लेनी है।”
“तब मैं smart बन जाऊँगा।”
आखिरी exam होता है।
Pass हो जाता है।
अब certificate मिल गया।
लेकिन अचानक उसे realize होता है।
“अरे… मेरे brain में knowledge तो पहले से ही थी।”
“Certificate तो बस एक paper है।”
“मैं तो हमेशा intelligent था।”
तो यह certificate… क्या change करता है?
कुछ नहीं।
बस अब student को पता है कि मैं capable हूँ।
वैसे ही।
आप हमेशा मुक्त हो।
पर पता नहीं है।
जब पता चल जाता है तो… freedom।
Mukti क्या है
मुक्ति = अपने आप को जानना।
“अरे, मैं तो consciousness हूँ।”
“मैं तो eternal हूँ।”
“मैं तो कभी bondage में नहीं था।”
बस यह बात समझो।
और freedom आ जाती है।
आज का Question
अपने आप से पूछो।
“क्या मैं सच में bondage में हूँ?”
या…
“मैं तो हमेशा free हूँ?”
अगले episode में…
“Mukti तुरंत है।”
यह बात समझेंगे।
तो next episode भी सुनो।
नमस्कार। 🙏
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“मुक्ति — कैदी की कहानी! तुम हमेशा Free हो! 🔓”
